मेरठ, मार्च 14 -- भारतीय ज्ञान परंपरा में ऋषि-मुनियों ने सर्वे भवंतु सुखिन: की कल्पना की। इसने मानव कल्याण की सनातन परंपरा स्थापित की। देश पर सैकड़ों वर्षों तक मुस्लिम-अंग्रेज शासकों ने राज किया। अब आकर वैचारिक आजादी मिली है। मौजूदा सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा का संवर्धन करते हुए समस्त क्षेत्रों में पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करने को प्रयासरत है। केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने नीतिगत तरीके से पर्यटन एवं संस्कृति को समृद्ध किया है। मेरठ कॉलेज और उप्र संस्कृत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय परंपरा पर जारी गोष्ठी के आखिरी दिन यह बात पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने कही। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत के ऋषियों ने दुनिया को राह दिखाई। उन्होंने किसी धर्म विशेष के लिए नहीं बल्कि सबके कल्याण के लिए काम किया। आजादी के...