मेरठ: संस्कारों पर जोर, परिवारों की पसंद बन रहे गुरुकुल
मेरठ, मई 12 -- आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कृत एवं संस्कृति के जरिए संस्कारों का बीजारोपण कर भविष्य में अच्छे नागरिक तैयार कर रहे गुरुकुलों के प्रति समाज का नजरिया बदलने लगा है। लोग संस्कृत पढ़ाकर केवल कर्मकांडी तैयार करने, गरीब, अनाथ या आधुनिक शिक्षा पद्धति में फिट नहीं बैठे बच्चों के लिए ही केवल गुरुकुल होने की सोच से बाहर आ रहे हैं। हाल में मेरठ और आसपास के प्रमुख गुरुकुलों में विभिन्न कक्षाओं के लिए संपन्न हुई प्रवेश प्रक्रिया इस बदलाव की पुष्टि कर रही है। गुरुकुलों में प्रवेश के लिए सीटों से आठ गुना ज्यादा तक आवेदन आए। प्रवेश के इच्छुक परिवार विवि, उद्योग एवं राजनीति सहित समाज के समृद्ध वर्ग से रहे हैं। ऐसे समझिए इस बदलाव को
लड़कियों के लिए गुरुकुल चोटीपुरा गुरुकुल चोटीपुरा में विभिन्न कक्षाओं में दो सौ सीटें थी, लेकिन प्रवेश के लिए 14...
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