मेरठ, अप्रैल 11 -- उत्तर भारत के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, मिलिट्री हॉस्पिटल मेरठ ने विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर एक क्रांतिकारी शुरुआत की है। ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए 'इक्वाइन थेरेपी' (अश्व चिकित्सा) सत्र का आयोजन किया गया, जो उत्तर भारत में किसी सैन्य या सरकारी संस्थान द्वारा की गई अपनी तरह की पहली पहल है।इस अभिनव प्रयास की परिकल्पना मिलिट्री हॉस्पिटल मेरठ के कमांडेंट ब्रिगेडियर विक्रम पात्रा द्वारा की गई थी। उनकी सोच के चलते आरवीसी सेंटर एवं कॉलेज के इक्वाइन सेंटर में 'आशा स्कूल' के विशेष बच्चों को घोड़ों के माध्यम से उपचार देने का मार्ग प्रशस्त हुआ। ब्रिगेडियर पात्रा के इस प्रयास का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से परे जाकर 'होलिस्टिक हीलिंग' (समग्र उपचार) प्रदान करना है। यह कार्यक्रम ...