मेरठ, अप्रैल 9 -- --------देशभर के विद्यालयों में दिन का कार्य राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सहगान से प्रारंभ करना होगा। विद्यालय छात्रों में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान को लोकप्रिय बनाने एवं राष्ट्रीय ध्वज के प्रति श्रद्धा बढ़ाने के लिए कार्यक्रमों में पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। सिविल सम्मान समारोह, राजकीय समारोह और सरकार द्वारा आयोजित अन्य समारोह में राष्ट्रपति के आने एवं उनके वापस जाते समय वंदे मातरम गाया जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाते समय भी वंदे मातरम गाया जाएगा।यूजीसी ने केंद्र सरकार के वंदे मातरम को लेकर जारी प्रोटोकॉल देशभर के विश्वविद्यालयों को साझा करते हुए इसे पूरी तरह लागू करने को कहा है। इसमें राष्ट्रगीत का आधिकारिक संस्करण भी भेजा गया है। राष्ट्रगीत को गाने अथवा बजाने की अवधि तीन मिनट दस सेकेंड रहेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्...