मेरठ, अप्रैल 16 -- पर्यावरण के प्रहरी कछुओं के संरक्षण के लिए एक क्रांति मेरठ से उठ रही है। 2013 में हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरु हुआ यह अभियान अब वृहद रूप ले चुका है। कछुआ संरक्षण कार्यक्रम मेरठ से शुरू होकर सात जनपदों में अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। इसमें स्थानीय किसानों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। महिलाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं। गंगा में कछुओं की चिंताग्रस्त स्थिति को देखते हुए 2013 में मेरठ के मखदूमपुर गंगा घाट से 118 कछुओं को संरक्षित किया गया था। जिन स्थानों पर कछुओं के अंडे बहुलता में पाए जाते थे, उन स्थानों पर किसानों ने स्वयं लगभग 90 हेक्टेयर जमीन को छोड़ दिया और खेती नहीं की। किसान गंगा मित्र की भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में एक दशक से चल रही सामुदायिक पहल के तहत नदी तल पर ब...