नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने अकृति चौधरी की NSA के तहत गिरफ्तारी के मामले में गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम की भूमिका पर बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर हिरासत का फैसला कई अधिकारियों से होकर गुजरने वाली प्रक्रिया के तहत लिया गया था, तो जिलाधिकारी को इस पूरी प्रक्रिया से अलग नहीं रखा जा सकता है। जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।आखिर पूरा मामला क्या है? मामला छात्र कार्यकर्ता अकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने से जुड़ा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अकृति चौधरी की हिरासत को रद्द कर दिया था। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया था कि गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटकर ...