लखीमपुरखीरी, जुलाई 18 -- प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर एसडीएम और एसपी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। एसोसिएशन का आरोप है कि किसी मरीज की मौत होने पर परिजन अक्सर धन उगाही और अस्पताल को बदनाम करने के इरादे से हंगामा, अभद्रता और तोड़फोड़ शुरू कर देते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस प्रशासन डॉक्टरों की सुरक्षा करने और कानून का पालन कराने में नाकाम साबित हो रहा है। एसोसिएशन ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से चार मांगें और आपत्तियां रखी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि हंगामे के दौरान डॉक्टरों की तरफ से दी जाने वाली तहरीर पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती। पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के जैकब मैथ्यूज बनाम पंजाब सरकार और मार्टिन डिसूजा जैसे ऐतिहासिक फैसलों के मुताबिक, बिना किसी विशेषज्ञ डॉ...