नई दिल्ली, मार्च 15 -- एक तरफ जहां हमारे युवा डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट्स दिन-रात एक करके अस्पतालों में मरीजों की जान बचाते हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ मेडिकल कॉलेज उनके हक का पैसा यानी स्टाइपेंड (Stipend) देने में आनाकानी करते हैं या फिर उसकी जानकारी छिपाते हैं। लंबे समय से चल रही इस मनमानी पर अब नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। NMC ने देश के सात मेडिकल कॉलेजों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड का पूरा ब्यौरा तय समय के भीतर साझा नहीं किया, तो उन पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता लाने और युवा डॉक्टरों के अधिकारों को सुरक्षित करने के मकसद से उठाया गया है। आइए इस पूरे मा...
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