मेरठ, अप्रैल 24 -- मेडिकल कॉलेज में मेरठ की रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला विमला (बदला हुआ नाम) की लेप्रोस्कोपिक विधि से बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया। पीड़िता पिछले काफी समय से अत्यधिक रक्त स्राव तथा दर्द से जूझ रही थी। जांच में पता चला कि एडिनोमायोसिस बीमारी जिसमें गर्भाशय की आंतरिक परत गर्भाशय की मांसपेशियों वाली दीवार के भीतर बढ़ने लगती है। इस बीमारी में गर्भाशय की परत के ऊतक मांसपेशियों में घुस जाते हैं, जिससे गर्भाशय सामान्य से 2-3 गुना बड़ा हो जाता है। इसे 'बल्की यूट्रस' कहा जाता है। चिकित्सक डॉ. धीरज बालियान, डॉ. अनुराधा मिश्रा, डॉ. सोनम गुप्ता, डॉ. साक्षी, एनेस्थीस्याटिक डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. सुधीर ने दूरबीन विधि से महिला का सफल ऑपरेशन किया। यह भी पढ़ें- लोहिया संस्थान में दूरबीन विधि से पहली बार की थायराइड...