नई दिल्ली, फरवरी 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेट्रो लाइन से 32 मीटर तांबे का तार चुराने के आरोपी एक गिग वर्कर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि जनता के जीवन से भी खिलवाड़ किया है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने कहा कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि ऐसा कृत्य है जिससे आम लोगों की जान और संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा हुआ। अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को आदतन अपराधी बताया और कहा कि इस तरह के अपराधों का समाज पर व्यापक और गंभीर प्रभाव पड़ता है। पीठ ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी चोरी की घटनाएं जनसुरक्षा को सीधे प्रभावित करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती। दिल्ली पुलिस ...