नई दिल्ली, मार्च 10 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने मेट्रो के भीतर महिला के सामने अश्लील हरकत करने वाले व्यक्ति की सजा को बरकरार रखा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की अदालत ने दोषी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में इस तरह का व्यवहार विचलित करने वाला है। यह महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अदालत ने कहा कि जब महिलाएं सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं, तो ऐसी घटनाएं उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें आरोपी को दोषी माना गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह शर्मनाक घटना दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर साकेत और आईएनए स्टेशन के बीच हुई थी। आरोप था कि यात्रा के दौरान आरोपी ने एक महिला यात्री के सामने खुद ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.