गंगापार, मार्च 7 -- तीन दशक पहले मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे के पास बाईपास रोड पर निर्मित बीस दुकाने मरम्मत व रख रखाव के अभाव में ढहने के कगार पर पहुंच गई हैं। वर्ष पहले पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश से हनुमान प्रसाद व गुलाब चन्द्र के कमरे की दिवार गिर गई, जर्जर दुकानें किसी भी समय बैठ सकती हैं। वेल्डिंग की दुकान चलाने वाले बंधवा गांव के दलित बस्ती निवासी मुखलेश ने बताया कि कांग्रेस की सरकार में वर्ष 1980 में स्पेशल कंपोनेंट योजना के तहत मेजारोड बाजार के सिरसा मार्ग पर 20 कमरे बनाए गए। उस समय प्रति कमरे की लागत दस हजार रुपये थी, जिसमें पांच हजार रुपये सरकार व पांच हजार दुकान लाभार्थी को देना पड़ा था, निर्माण के बाद जर्जर हो गए इन कमरों की मरंमत कोई नहीं करा पाया। पुराने ढर्रे पर निर्मित कमरों की हालत दयनीय हो चुकी है। जो किसी भी समय ढ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.