नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- मेघालय हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के छह छात्रों के खिलाफ एफआईआर रद्द कर दी। छात्रों पर यहां एक होमस्टे में तोड़फोड़ करने का आरोप था। छात्रों ने 2.06 लाख रुपये का मुआवजे के तौर पर भुगतान किया। हाईकोर्ट ने दो छात्रों को 25-25 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देने और छह दिन समाज सेवा करने का निर्देश भी दिया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह आदेश सोमवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रेवती मोहिते डेरे ने तब दिया जब दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। होमस्टे के मैनेजर और मालिक ने एफआईआर रद्द करने पर अपनी सहमति (नो-ऑब्जेक्शन) दे दी थी। होमस्टे को नुकसान पहुंचाने की शिकायत के बाद 11 जुलाई को लैतुमखराह पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। छात्रों पर शिकायतकर्ता को धमकाने का भी आरोप था, क्योंकि तय संख्या से ज्यादा मेहमानों क...