चंदौली, अप्रैल 24 -- सकलडीहा। आरटीआई कार्यकर्ता और किसान डॉ. दयाशंकर खरवार ने मृदा परीक्षण के नाम पर कोरमपूर्ति किये जाने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जांच कराए जाने की मांग की है। उनका दावा है कि उनके खेत की मिट्टी का परीक्षण वर्ष 2022-23 में दिखाया गया है, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें कोई रिपोर्ट मिली है। यह भी पढ़ें- खेतों की मिट्टी की सेहत जांच कराने भभुआ जाते हैं किसान यह भी पढ़ें- अब छात्र बनेंगे किसानों के साथी, स्कूलों से शुरू हुई मिट्टी जांच की नई पहल यह भी पढ़ें- चार उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त
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