गोरखपुर, मई 9 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर के डॉक्टरों ने मौत के कगार पर पहुंच गई युवती को जिंदा बचा लिया। कुशीनगर की 20 साल की एक युवती ने कीटनाशक खा लिया था। कुशीनगर के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। परिजन उसे मृत समझकर एम्स के ट्रॉमा सेंटर के कैजुअल्टी एरिया में छोड़कर भाग गए। एम्स के ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने 98 दिन की जद्दोजहद के बाद उसकी जान बचा ली। इस दौरान करीब 48 दिन तक युवती वेंटिलेटर पर रही। इस दरम्यान उसे दो बार दिल का दौरा पड़ा। हालांकि, सीपीआर देने पर उसकी सांस लौट आई। बताया जाता है कि युवती को 19 जनवरी को बेहद गंभीर हालत में परिजन लेकर एम्स के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। युवती ने खेत में छिड़कने वाला जहरीला पदार्थ खा लिया था। परिजनों ने बताया कि वह युवती को पहले पास के सीएचसी, फिर जिल...
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