लखनऊ, अप्रैल 15 -- कलेक्ट्रेट स्थित आदर्श कोषागार से मृत पिता को जीवित दर्शा कर पेंशन लेने वाले बेटे को पूरी रकम चुकानी पड़ गई। जांच और सख्ती के बाद उसने अवैध रूप से निकाली गई करीब 10 लाख रुपये की धनराशि कोषागार में जमा की है। उसके पिता कलेक्ट्रेट कोषागार से पेंशन पा रहे थे। उनके निधन के बाद बेटे ने पांच हजार रुपये में उनसे मिलते जुलते शख्स को दिखाकर पेंशन जारी रखी। पता नहीं लगने दिया कि असल में पेंशन वाले की मृत्यु हो चुकी है। जांच में जब मामला खुला तो शासन ने संज्ञान लिया था। इसके बाद सख्ती हुई तो युवक ने कोषागार में वो सारा पैसा जमा कर दिया जो उसने फर्जी तरीके से निकाला था। यह भी पढ़ें- दोषी सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं कर रहा विभाग यह मामला पिछले वर्ष 2025 में सामने आया था। इस मामले में मृतक पेंशनधारक के बेटे ने गलत दस्तावेज लग...