किशनगंज, मार्च 22 -- ठाकुरगंज। निज संवाददाता ठाकुरगंज के शिवानंद भवन के चौथे तल पर शुक्रवार संध्या आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र ने जीवन, मृत्यु, मोह और रिश्तों के वास्तविक स्वरूप पर गहन व्याख्यान दिया। उनके विचारों ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुनि श्री पद्मकुमार जी भी मौजूद रहे। मुनि श्री डॉ. ज्ञानेंद्र ने कहा, "यमराज से दोस्ती हो सकती है, लेकिन वे अपना कर्तव्य कभी नहीं छोड़ते।" उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत्यु प्रकृति का अटल नियम है, जिसे कोई बदल नहीं सकता। रिश्तों की सच्चाई बताते हुए बोले, "सांस चलते ही रिश्तों का संबोधन है। असल रिश्ता आत्मा से है, मोह शरीर से बांध लेता है।" उन्होंने जीवन की क्षणभंगुरता पर जोर देते हुए कहा, "मनुष्य मुट्ठी बंद करके आता है, लेकिन सब छोड़...
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