गाजीपुर, अप्रैल 20 -- गाजीपुर, संवाददाता। पीजी कालेज में सोमवार को शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन सेमिनार हाल में किया गया। शोधार्थी शैल गुप्ता ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक ' मूल वाद्य यंत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्र ' का विषय प्रस्तुत किया। शैल गुप्ता ने कहा कि यह विषय केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीकी प्रगति दोनों के समन्वय का प्रतीक है। मूल वाद्य यंत्रो की उत्पत्ति प्राचीन काल में हुई और जो प्राकृतिक पदार्थों जैसे लकड़ी, धातु एवं चमड़े आदि से निर्मित होते हैं। इन वाद्य यंत्रों में ध्वनि उत्पन्न करने के लिए किसी विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती। तबला, सितार, बांसुरी और शहनाई जैसे वाद्य यंत्र न केवल संगीत के साधन हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, परम्परा और आध्यात्मिकता के प्रतीक भी हैं। प्र...