सीतामढ़ी, अप्रैल 1 -- सीतामढ़ी । मध्यमा परीक्षा-2026 के उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही को लेकर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य से दूरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया गया है कि 28 मार्च पटना स्थित केन्द्रों पर मूल्यांकन कार्य प्रारंभ है, लेकिन कई केंद्रों पर शिक्षकों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है। सीतामढ़ी के शिक्षकों की ड्यूटी राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर स्थित मूल्यांकन केंद्र पर लगाई गई है, जहां करीब 16 संस्कृत शिक्षक अब तक योगदान नहीं दे पाए हैं। बोर्ड के सचिव नीरज कुमार ने कहा कि मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित रहना छात्रहित के खिलाफ है और यह कर्तव्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। शिक्षकों द्वारा दिए गए अवकाश या मुक्त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.