मूंगफली के छिलकों से ऊर्जा भंडारण की तकनीक होगी विकसित: प्रो. विमल
प्रयागराज, अक्टूबर 23 -- मूंगफली के छिलके, औद्योगिक कचरे और इस्तेमाल हो चुकी बैटरियां भी भविष्य में ऊर्जा भंडारण के काम आ सकती हैं। वैज्ञानिक इन बेकार पदार्थों से ऐसी सामग्री तैयार करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं, जिनसे ऊर्जा को सुरक्षित रखने वाली तकनीक सस्ती और बेहतर बनाई जा सके। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को वैज्ञानिकों ने ऐसी ही नई तकनीकों और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन पर चर्चा की। एमएनएनआईटी के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आयोजित केमकॉनफ्लक्स-2026 सम्मेलन में आईआईटी रुड़की के प्रो. विमल चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मूंगफली के छिलकों, रेड मड (औद्योगिक अपशिष्ट) और पुरानी लिथियम आयन बैटरियों से ऊर्जा भंडारण के लिए उपयोगी सामग्री विकसित की जा सकती ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.