नई दिल्ली, मई 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव नतीजों ने देश में दशकों से चली आ रही ध्रुवीकरण की राजनीति को न केवल बदला है, बल्कि उन राज्यों के लिए भाजपा को रास्ता दिखा दिया है, जहां उसके पास सामाजिक जनाधार बेहद कम है। पश्चिम बंगाल के नतीजे भाजपा के पक्ष में मजबूत हिंदू ध्रुवीकरण व मुस्लिम मतों के विभाजन के परिणाम रहे हैं। आने वाले उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न प्रदेश के चुनावों में भाजपा अपनी इस नई रणनीति से खुद को और मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष के लिए दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। पश्चिम बंगाल के नतीजे ममता बनर्जी की हार तक सीमित नहीं है। ऐसा बदलाव व ध्रुवीकरण अन्य राज्यों में भी हुआ तो वहां पर भी गैर भाजपा दलों को ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, यह देश की राजनीति में नए समीकरणों के नती...