नई दिल्ली, मई 29 -- भारत-रूस के संयुक्त उपक्रम से तैयार दुनिया की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' ने वैश्विक रक्षा बाजार में अपना डंका बजा दिया है। अब तक जिन मुस्लिम देशों का झुकाव चीन या पश्चिमी देशों के हथियारों की तरफ रहता था, वे अब ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को अपने बेड़े में शामिल करने के लिए बेताब हैं। दक्षिण चीन सागर की लहरों से लेकर फारस की खाड़ी के रेतीले तूफानों तक, इस मिसाइल को खरीदने की होड़ यह साबित करती है कि भारत अब एक प्रमुख रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित हो चुका है। चीन और पाकिस्तान के तमाम दुष्प्रचारों को दरकिनार करते हुए मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई प्रमुख मुस्लिम देश ब्रह्मोस को अपनी संप्रभुता की रक्षा का सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं।दक्षिण चीन सागर से फारस की खाड़ी तक मची होड़ ब्रह्मोस की इस महार...