नई दिल्ली, जनवरी 16 -- क्या इस्लामिक नाटो की कोई संभावना है। नाटो के अनुच्छेद-5 की तर्ज पर पाक-सऊदी अरब के आपसी रक्षा गठबंधन में शामिल होने के लिए तुर्किये बातचीत कर रहा है, जो काफी आगे बढ़ चुकी है। अगर ऐसा हुआ, तो भारत के लिए यह चिंता की बात हो सकती है। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने सितंबर-2025 में 'स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें किसी एक देश पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। यदि तुर्किये इसमें शामिल होता है, तो यह पश्चिम एशिया और उससे आगे के शक्ति-संतुलन में बड़ा बदलाव ला सकता है। वर्तमान में तुर्किये नाटो का सदस्य है और अमेरिका के बाद इसके पास दूसरी सबसे बड़ी सेना है। वह पाकिस्तान के साथ करीबी सैन्य संबंध रखता है। कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करने के अलावा, मई-2025 में भारत के साथ 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान...
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