नई दिल्ली, मार्च 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 के उस प्रावधान की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें मुस्लिम कानून के मुताबिक दिए गए उपहार यानी 'हिबा' को कानून के तहत पंजीकरण से छूट दी गई है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर विधि आयोग में जाने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल पंचोली की पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि हमारी राय में, याचिकाकर्ता के लिए सही तरीका विधि आयोग जैसी निकाय से संपर्क करना होगा। ऐसे विशेषज्ञ निकाय अभी काम कर रहे हैं, इसलिए हमें इस पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं दिखता। याचिकाकर्ता हरि शंकर जैन की ओर से दाखिल याचिका में ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 की धारा 129 और मुस्...
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