नई दिल्ली, फरवरी 20 -- महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए शिक्षा और नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। वकील सैयद एजाज अब्बास नकवी द्वारा दायर याचिका में महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग द्वारा 17 फरवरी को जारी सरकारी आदेश को संविधान के उल्लंघन और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ करार दिया गया है। याचिका में कहा गया कि प्रतिवादी (महाराष्ट्र सरकार) अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। यह संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसमें यह भी कहा गया कि आरक्षण रद्द करने के सरकार के फैसले का कोई तार्किक आधार नहीं है। हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।
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