मुशायरों की दुनिया का खो गया नूर, यादों में हमेशा रहेंगे बशीर: वसीम बरेलवी
नई दिल्ली, मई 28 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। मशहूर शायर बशीर बद्र के इंतकाल की खबर से अदबी दुनिया में गहरा सन्नाटा पसरा है। उनकी गजलों की मिठास, लफ्जों की नरमी और जज्बात की गहराई ने उन्हें हर तबके का पसंदीदा शायर बनाया। बरेली शहर से भी उनका खास रिश्ता रहा। यहां आयोजित मुशायरों में उनकी मौजूदगी लोगों के लिए किसी जश्न से कम नहीं होती थी। उनके निधन की खबर सुनते ही मशहूर शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, 'मुशायरे की दुनिया का एक बड़ा सितारा आज डूब गया। बशीर बद्र सिर्फ शायर नहीं थे, बल्कि मुहब्बत, तहजीब और इंसानी एहसास की आवाज थे। उनकी शायरी हमेशा दिलों को रोशन करती रहेगी।' प्रो. वसीम बरेलवी ने बताया कि बशीर बद्र पहली बार वर्ष 1969 में उनके बुलावे पर बरेली आए थे। इसके बाद करीब 20 से 22 वर्षों तक उनका लगातार शहर आना होता रहा...
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