मुरादाबाद पर फतह अभी भी भाजपा का सपना, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की चुनौती आज भी बरकरार
मुरादाबाद, अप्रैल 8 -- UP Elections: 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का प्रादुर्भाव केवल एक दल का गठन नहीं, बल्कि मुरादाबाद की पारंपरिक सियासत में सत्ता के नए ध्रुवीकरण की प्रस्तावना थी। इसने दशकों से चले आ रहे पुराने समीकरणों को चुनौती देते हुए मंडल के राजनैतिक फलक पर एक नए वैचारिक विकल्प की नींव रखी। लेकिन 46 वर्षों के इस लंबे सफर और केंद्र व राज्य की सत्ता में प्रचंड मौजूदगी के बावजूद, मुरादाबाद जिले में भाजपा के लिए 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन' की चुनौती आज भी एक कसक बनकर खड़ी है। भाजपा के गठन के बाद से अब तक दस विधानसभा चुनाव बीत चुके हैं, लेकिन पार्टी आज भी उस 'सर्वश्रेष्ठ' आंकड़े के लिए तरस रही है जो उसने 1993 में राम लहर के दौरान हासिल किया था। तब संभल और अमरोहा भी मुरादाबाद जिले का हिस्सा थे और पार्टी ने 12 में से 8 सीटें जीतकर इति...
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