रांची, जून 7 -- मुरहू, प्रतिनिधि। महर्षि मेंही आश्रम शबरी कुटिया मुरहू में दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के अंतिम दिन रविवार को अपने प्रवचन में स्वामी प्रमोद जी महाराज ने कहा कि दुनिया में सभी सुख-शांति चाहते हैं, लेकिन मूल बातें नहीं समझने के कारण दुःखी रहते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि सद्गुरु के वचनों पर विश्वास करके, बताएं मार्ग पर चलकर भक्ति करनी चाहिए। यह भी पढ़ें- संसार में सच्चे संत महापुरुष प्रेम का समंदर हैगुरु की सेवा का महत्व उन्होंने कहा कि परमात्मा परम् पिता हैं, बिना उनके भक्ति के शांति नहीं मिलती है, गुरु की सेवा करने से सभी देवी-देवताओं की सेवा हो जाती है, जैसे वृक्ष के जड़ में पानी डालने से सभी पत्तों तक पहुंच जाता है। उन्होंने भगवान बुद्ध और भक्त ध्रुव का उदाहरण देते हुए भक्ति के मार्ग को सरलतम ढ़ंग से समझाया। उन्होंने...