मुजफ्फरपुर, मई 17 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। पेट्रोल-डीजल संकट को लेकर देश भर में सार्वजनिक परिवहन की चर्चा है। प्रधानमंत्री खुद वाहनों के सीमित उपयोग की बात कह चुके हैं। लेकिन, मुजफ्फरपुर में हालात बेकाबू हैं। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बेहाल है। स्मार्ट सिटी में सिटी बस चलाने की तैयारी फाइलों में दबी है। दूसरी ओर, मेट्रो चलाने की तैयारी सर्वे से आगे नहीं बढ़ सकी। नतीजतन, लोगों की जिंदगी ई-रिक्शा-ऑटो के भरोसे हैं या निजी वाहन खरीदने पर मजबूर हैं। इस कारण सड़कों पर निजी वाहनों का रेला लगता है। इंधन खपत भी पटना के बाद यहां सबसे ज्यादा है。

ऑफिस टाइम में बढ़ जाती है जाम की समस्या : शहर की आबादी पांच लाख को पार कर चुकी है। दूसरी तरफ, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सिकुड़ता जा रही है। शहर में कमजोर सार्वजनिक परिवहन का खालीपन भरने के लिए...