मुजफ्फरपुर, जुलाई 26 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। कारगिल युद्ध को 27 साल बीत चुके हैं। मई से जुलाई 1999 तक चले इस युद्ध में भारत के सैकड़ों वीर जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन से लोहा लिया और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। बिहार के लालों ने भी इस युद्ध में अदम्य साहस दिखाया। इन्हीं शहीदों की याद में हर साल 26 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' मनाया जाता है। यह दिन केवल सैन्य जीत का जश्न नहीं, बल्कि उन परिवारों के त्याग को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने अपने बेटे देश के नाम कर दिए। मुजफ्फरपुर के लिए यह दिन गर्व और पीड़ा दोनों का है। जिले के दो सपूतों ने कारगिल की बर्फीली चोटियों पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। एक थे कुढ़नी के माधोपुर सुस्ता गांव निवासी बिहार रेजिमेंट के जवान शहीद प्रमोद कुमार और दूसरे थे...