बरेली, जनवरी 6 -- बरेली। पावर कारपोरेशन प्रबंधन की नीतियों के विरोध में संविदा कर्मियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने 29 नवंबर 2025 को जारी कार्यवृत्त की प्रति जलाकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अपने ही आदेशों का उल्लंघन करते हुए 33/11 केवी उपकेंद्रों पर तैनात करीब 15 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी की है। साथ ही मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया गया, वेतन 18 हजार रुपये तय नहीं किया गया और 55 वर्ष का हवाला देकर अनुभवी कर्मियों को हटाया गया। 26 नवंबर 2025 को लखनऊ स्थित शक्ति भवन में हुई वार्ता में बनी सहमति के अनुसार किसी भी कर्मचारी को कार्य से न हटाने, घायल कर्मियों को उपचार का भुगतान करने और मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन देने पर सहमति बनी थी...
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