मुंगेर, मार्च 16 -- ​मुंगेर, निज संवाददाता बिहार सरकार ने प्रदेश के व्यावसायिक वाहन चालकों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें एक नई पहचान देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना-2024 की शुरुआत की थी। लेकिन, घोषणा के एक साल बीत जाने के बाद भी मुंगेर जिले में इस योजना की जमीनी हकीकत सिफर नजर आ रही है। जिला परिवहन विभाग की सुस्ती और उदासीनता के कारण जिले के हजारों चालक आज भी इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से महरूम हैं।​ड्रेस कोड का पता नहीं, पहचान को तरसते चालकः​योजना का सबसे आकर्षक पहलू चालकों के लिए एक विशिष्ट ड्रेस कोड निर्धारित करना था। सरकार का लक्ष्य है कि ऑटो, ई-रिक्शा, बस और टैक्सी चलाने वाले चालक एक वर्दी में दिखें, जिससे न केवल यात्रियों में सुरक्षा का भाव जगे, बल्कि चालकों को भी एक गरिमापूर्ण पहचान मिले। इसके लिए प्रत...