लखनऊ, फरवरी 11 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदन पत्रों का परीक्षण व अभिलेखों की गहन जांच कराई जाए। केवल पात्र आवेदन ही आगे बढ़ाए। त्रुटिपूर्ण व अपात्र आवेदन निरस्त किए जाएं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को समीक्षा में निर्देश दिया कि जिला प्रोबेशन अधिकारी 15 दिनों में कम से कम 10 प्रतिशत आवेदन पत्रों का रैंडम सत्यापन कराएं। सत्यापन अवधि 15 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। जन्म प्रमाण पत्र, आधार या बेसिक शिक्षा विभाग की यूनिक आईडी से प्राप्त बालिका की जन्म तिथि के आधार पर फार्म मिलान की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती तय समय के अनुसार पूर्ण करा...