मुखर हुई विप्लवी बाघा जतिन की शौर्य गाथा
वाराणसी, अगस्त 13 -- वाराणसी, संवाददाता। बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र के 80वें स्वतंत्रता दिवस के चार दिवसीय उत्सव के दूसरे दिन विप्लवी वीर बाघा जतिन की शौर्य गाथा नाट्य के माध्यम से मुखर हुई। यह भी पढ़ें- हर घर तिरंगा: उच्च शिक्षा संस्थानों में निकाली रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा मंचनाटक की थीम ' रिदम्स ऑफ़ भारत : आज़ादी, संस्कृति और एकता' की थीम पर हो रहे स्वतंत्रा के उत्सव को इस मंचन ने यादगार बना दिया। रॉयल बंगाल टाइगर से खंजर के बल पर जीत कर बाघा जतिन नाम से ख्यात हुए जितेंद्रनाथ मुखर्जी की कहानी बड़े ही रोचक अंदाज में लेखक प्रो.मंजीत चतुर्वेदी ने नाटक में समेटा। बंगाल के क्रांतिकारियों के गुप्त संगठन युगांतर के कमांडर इन चीफ रहते हुए नाते उन्होंने जिन विषम परिस्थितियों का सामना किया था, उसे नाटक में बखूबी दर्शाया गया...
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