रांची, जुलाई 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए मजदूरों को मुआवजा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से जुड़ी जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने 300 मुक्त मजदूरों के दस्तावेज का सत्यापन कर उनकी अंतिम सूची गढ़वा के उपायुक्त को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें नियमानुसार सरकारी सुविधाएं और सहायता मिल सके। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। जनहित सेवा प्रतिष्ठान की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि दस्तावेज के सत्यापन के लिए 300 में से 229 मजदूर उपस्थित हुए थे। इनमें कई मजदूर ऐसे हैं, जिनके संबंध म...