नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- दिल्ली-हरियाणा और बाहरी दिल्ली को जोड़ने वाले मुकरबा चौक का घंटों का जाम अब आफत बन गया है। एक दशक से ज्यादा समय से इस चौक की कई खामियों को समाप्त कराने के लिए दर्जनों शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। यह दिल्ली का बड़ा ब्लैक स्पॉट है, जहां प्रत्येक वर्ष 6 से 10 लोग सड़क हादसों में जान गवां देते हैं। अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अंतर समन्वय समिति बनाने पर जोर दिया है, जिससे कई विभाग एक साथ मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकें। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एनसीआरटीसी, डीएमआरसी, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, बिजली कंपनी टीपीडीडीएल, एकीकृत यातायात और परिवहन अवसंरचना (योजना एवं अभियांत्रिकी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.