नई दिल्ली, अगस्त 24 -- प्रभात कुमार देशभर की अदालतों में मुकदमों का भार बढ़ता जा रहा है, पर न्याय की कमान संभालने वाले जजों की कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हाई कोर्ट्स में जजों के 342 पद रिक्त हैं। रिक्त पदों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 38 बढ़ गई है। वहीं, जिला अदालतों में यह आंकड़ा 7,000 के पार पहुंच चुका है। इससे जहां अदालतों पर मुकदमों का बोझ बढ़ रहा है, वहीं आम जनता को भी न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।हाई कोर्ट में 342 जजों के पद खाली देशभर के सभी हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत 1122 पद हैं। चार अगस्त, 2026 तक इन पदों के सापेक्ष कुल 780 जज कार्यरत हैं, यानी 342 पद रिक्त हैं। इससे पहले 2025 में उच्च न्यायालयों में कार्यरत जजों की संख्या 818 थी। यानी पिछले साल के मुक...