मैनपुरी, अप्रैल 29 -- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूतन चौहान ने कहा कि समझौते का सबसे बड़ा माध्यम लोक अदालत है। लोक अदालत में मुकदमे निपटाने से वादकारी के धन और समय दोनों की बचत होती है। दोनों पक्षों की इससे जीत होती है। सबसे खास बात यह है कि लोक अदालत के निर्णय को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है। बुधवार को प्राधिकरण कार्यालय में सचिव नूतन चौहान ने वार्ता के दौरान कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंदों को निशुल्क सहायता दी जाती है। तहसील स्तर पर भी विधिक सेवा प्राधिकरण संबंधित तहसीलदार की देखरेख में काम कर रहा है। वादकारियों की सुविधा के लिए पैरालीगल वालंटियर काम करते हैं। जेल में निरुद्ध बंदियों को भी उनकी जरूरत के अनुसार निशुल्क वकील उपलब्ध कराए जाते हैं। प्राधिकरण द्वारा लोगों को जागरूक करने के लि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.