मुकदमा टलवाने की कोशिश की तो केजीएमयू पर लगेगा हर्जाना
लखनऊ, मई 25 -- लखनऊ, विधि संवाददाता हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वर्ष 2020 से लंबित एक सेवा संबंधी मामले में सुनवायी को बार-बार टलवाने पर के केजीएमयू पर नाराजगी जताए है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली तिथि पर पुनः सुनवाई टालने का का अनुरोध किया गया तो केजीएमयू प्रशासन पर 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया जाएगा।यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने डॉ. नीतू सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया है। याचिका जुलाई 2020 में दाखिल की गई थी और शपथ पत्रों के आदान-प्रदान के बाद भी मामला प्रतिवादी पक्ष के अनुरोध पर लगातार स्थगित होता रहा है। यह भी पढ़ें- BPSC 33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा टली, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया नोटिस न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि 26 अप्रैल और 7 मई 2026 को भी प्रतिवादी पक्ष के अनुरोध पर मामले क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.