मुख्य संवाददाता, अप्रैल 4 -- गोरखपुर के बेतियाहाता स्थित आवास विकास कॉलोनी में निजी जमीन पर बिना अधिग्रहण और मुआवजा दिए परिषद ने प्लॉट बेच दिए। अब उस पर मकान भी बन गए हैं। करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में पीड़ित के पक्ष में अदालतों से फैसला आने के बावजूद अब तक उसका पालन नहीं हुआ। प्रेमचंद पार्क के सामने स्थित आवास विकास कॉलोनी में खुर्रमपुर की 55 डिसमिल जमीन का उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने न तो अधिग्रहण किया और न ही भू-स्वामी को मुआवजा दिया। आरोप है कि परिषद ने जमीन पर कब्जा जमाते हुए 11 आवासीय भवनों का निर्माण कर उन्हें बेच दिया। इस मामले में भू-स्वामी श्याम सुंदर सर्राफ 23 मार्च 1993 को कोर्ट पहुंचे। 28 जुलाई 1999 को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने तीन माह के भीतर भूमि-स्वामी को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। यह भी निर्...