सासाराम, जून 16 -- डेहरी, एक संवाददाता। राष्ट्रीय राजमार्ग-119ए के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा निर्धारण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए रैयतदारों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। किसान नेता महेंद्र सिंह समेत अन्य किसानों ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं कार्यालय कर्मियों पर आवासीय भूमि को कृषि भूमि दर्शाकर कम मुआवजा देने का आरोप लगाया है। पत्र में कहा गया है कि सुअरा और गांगौली मौजा के कई खेसरों पर आवास एवं संरचनाएं होने के बावजूद उन्हें कृषि भूमि मानकर पंचाट तैयार किया गया है। किसानों का आरोप है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। साथ ही एक ही रैयत के अलग-अलग खेसरों का अलग-अलग पंचाट तैयार कर अतिरिक्त स्टांप शुल्क का बोझ भी डाला गया है। किसानों ने मुख्यमंत्री से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर ...