मुंशी प्रेमचंद के विचार आज भी समाज को दिशा दे रहे : डॉ. वीरेन्द्र
छपरा, जुलाई 31 -- मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर समारोह आयोजित छपरा, एक संवाददाता। समाज में जब तक शोषण, दमन, अत्याचार, विषमता और सांप्रदायिकता जैसी प्रवृत्तियां मौजूद रहेंगी, तब तक कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के विचार और उनकी रचनाएं प्रासंगिक बनी रहेंगी। यह बातें बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. वीरेन्द्र नारायण यादव ने शुक्रवार को मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। यह भी पढ़ें- सदैव प्रासंगिक रहेंगे मुंशी प्रेमचंद प्रेमचंद की रचनाएं रामजयपाल महाविद्यालय, छपरा परिसर स्थित लक्ष्मी नारायण यादव अध्ययन केंद्र में इप्टा छपरा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. यादव ने कहा कि प्रेमचंद ने सोज़-ए-वतन, पंच परमेश्वर, मृतक भोज, नमक का दारोगा, कफन, ठाकुर का कुआं, गोदान और गबन जैसी कालजयी रचनाओं के माध्यम से भारतीय स्व...
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