बाराबंकी, अगस्त 14 -- रामसनेहीघाट। 15 अगस्त 1947 की सुबह जब पता चला कि देश आजाद हो गया है, तो डर के साए में जी रहे लोगों के लिए खुली हवा में सांस लेने का वह पहला एहसास था। यह सुखद एहसास बड़े बुजुर्गों के जेहन में आज भी जिंदा है। इनकी माने तो उस दिन की खुशी के सामने आज के बड़े-बड़े आयोजन भी फीके लगते हैं। यह खुशी दो सौ सालों की गुलामी की बेबसी, भय, अत्याचार और असुरक्षा से मुक्ति की थी। उम्र के सौवें पड़ाव पर पहंुचने वाले बुजुर्गों से जब इसको लेकर बात की गई तो झुर्रियों में छिपी बूढ़ी आंखों में उस ऐतिहासिक पल की चमक देखते बनी। कहा कि तब गांव के मुंशी जी ने सुबह सबेरे गांव में आकर कहा कि आज हमारा देश आजाद हो गया...। यह भी पढ़ें- Independence Day Facts : क्यों चुनी 15 अगस्त की डेट, जश्न के दौरान कहां थे महात्मा गांधी, 15 दिलचस्प बातेंप्रभातफेरी मे...