मुंगेर, अप्रैल 24 -- मुंगेर, एक संवाददाता। लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी और मनमाने रवैये को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप है कि, वह न सिर्फ लोकतांत्रिक संस्था सीनेट के निर्णयों को दरकिनार कर रहा है, बल्कि चयनित प्रतिनिधियों की भी खुली अवहेलना कर रहा है। सीनेटर डॉ. कुंदन लाल द्वारा पूर्व निर्धारित आंशिक धरना कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव दोनों की अनुपस्थिति ने इस विवाद को और हवा दे दी है। यह घटना प्रशासन की उदासीनता और सीनेट के प्रति असम्मानजनक रवैये को उजागर करती है। ज्ञात हो कि, सीनेट द्वारा सर्वसम्मति से सिनेटर डॉ लाल के स्थानांतरण को वापस लेने के पारित प्रस्ताव को भी अब तक लागू नहीं किया गया है। ऐसे में, यह मामला एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसे दो महीने बाद भी...