मुंगेर, मार्च 21 -- मुंगेर, त्रिपुरारी मिश्रा। मुंगेरवासियों के लिए सफियासराय हवाई अड्डे से उड़ान भरने का सपना धरातल पर कंक्रीट के ढेर में तब्दील हो चुका है। जिस रनवे पर हवाई जहाजों के पहिए चमकने चाहिए थे, वहां आज सरकारी दावों की किरकिरी हो रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हवाई अड्डे की स्थिति किसी जर्जर मैदान से भी बदतर है। हालात ऐसे हैं कि हवाई जहाज तो दूर, रनवे पर खाली पांव पैदल चलना भी दूभर हो गया है। किसी आपात स्थिति में यदि यहां पर चार्टर प्लेन को उतारने की जरूरत पड़ जाए तो वर्तमान स्थिति में वह संभव नहीं है। प्रशासन की उम्मीदें उन्हीं उखड़े हुए पत्थरों की तरह बिखर गई हैं, जो अब राहगीरों के पैरों में 'एक्यूप्रेशर' की तरह चुभते हैं।करोड़ों खर्च, पर उपलब्धि शून्यःविभागीय आंकड़ों की मानें तो पिछले एक दशक में हवाई अड्डे के जी...
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