मुंगेर, अप्रैल 21 -- मुंगेर, एक संवाददाता प्रशासनिक लापरवाही के कारण मुंगेर विश्वविद्यालय एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के बीआरएम कॉलेज, जेआरएस कॉलेज और खगड़िया स्थित महिला कॉलेज में कई महीनों से बर्सर जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं। इसका सीधा असर कॉलेजों के दैनिक संचालन और वित्तीय कामकाज पर पड़ रहा है। बर्सर के अभाव में कॉलेज प्रशासन छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी स्वतंत्र निर्णय नहीं ले पा रहा है। किसी भी वित्तीय व्यय के लिए विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है और शैक्षणिक-प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।सूत्रों के अनुसार, बर्सर की नियुक्ति में हो रही देरी के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन की कॉलेजों पर वित्तीय नियंत्रण बनाए रखने की मंशा भी हो सकती है।हालांकि, इस संबंध में विश्व...
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