मुंगेर, अप्रैल 15 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। वैशाख कृष्ण प्रतिपदा के अवसर पर मंगलवार को मुंगेर में सतुआनी पर्व परंपरागत श्रद्धा, उल्लास और लोक-आस्था के साथ मनाया गया। बैसाखी के ठीक अगले दिन मनाए जाने वाले इस लोकपर्व को लेकर सुबह से ही घरों और मंदिरों में चहल-पहल रही। सतुआनी को 'सत्तू का त्योहार' भी कहा जाता है, जो भीषण गर्मी की शुरुआत और नए कृषि मौसम का प्रतीक माना जाता है। ----घर-घर बना सत्तू का प्रसाद :सुबह होते ही महिलाओं ने जौ और चने के सत्तू से लड्डू, शरबत और नमकीन सत्तू तैयार किया। कच्चे आम की चटनी, प्याज और गुड़ के साथ सत्तू का भोग सबसे पहले भगवान शिव-पार्वती और कुलदेवता को लगाया गया। यह भी पढ़ें- बाबा गरीबनाथ को सतुआनी पर चढ़ाया गया सत्तू व आम परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्यों ने ब्राह्मणों, पुरोहितों और जरूरतमंदों को सत्तू-गुड़ द...