मुंगेर, अप्रैल 28 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। इन दिनों जिले के मुफस्सिल, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा और टेटिया बम्बर समेत तमाम प्रखंडों के खेतों, बंजर जमीन और सड़क किनारे गाजर घास यानी परथेनियम ने कहर मचा रखा है। सफेद फूल वाली इस खरपतवार के तेजी से फैलाव से किसान से लेकर आम लोग तक परेशान हैं। गाजर घास खेतों में मुख्य फसल के साथ उगकर मिट्टी के नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश को तेजी से सोख लेता है। इससे धान, मक्का, दलहन व सब्जी की पैदावार 40 प्रतिशत तक घट रही है। बीज भी दूषित हो रहे हैं। निराई-गुड़ाई की लागत दोगुनी हो गई है। बरियारपुर के किसान देवन मंडल ने बताया कि एक बीघा खेत से 50 किलो तक गाजर घास निकल रहा है। --स्वास्थ्य पर खतरा:इस घास के परागकण और रस से त्वचा में एलर्जी, खुजली, एक्जिमा और सांस की बीमारी फैल रही है। सदर अस्पताल के आंकड़े बताते...
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