मुंगेर, मई 4 -- मुंगेर, निज संवाददाता बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि कभी उपेक्षित रहने वाली मुंगेर की धरती आज विश्व पटल पर 'योग नगरी' के रूप में प्रतिष्ठित है। यह कायाकल्प योग प्रणेता स्वामी सत्यानंद सरस्वती के संकल्पों का परिणाम है। स्वामी जी सोमवार को पोलो मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। यह भी पढ़ें- देर रात पहुंची उत्सव मूर्ति, मुंगेर में पहली बार विराजेंगे तिरुपति बालाजी, तैयारी पूरी1957 में पड़ा था योग का बीजः स्वामी निरंजनानंद ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि 1957 में जब स्वामी सत्यानंद जी पहली बार मुंगेर आए थे, तब यहां के हालात अलग थे। लोग यहां आने से डरा करते थे। लेकिन उन्होंने यहां योग का जो बीजारोपण किया, उसने न केवल इस नगर का भाग्य बदल दिया, बल्...
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