लखनऊ, दिसम्बर 7 -- भले ही प्रदेश के उपभोक्ताओं के बिजली मीटर स्मार्ट किए जा रहे हों, लेकिन अभियंताओं की कार्यशैली अब भी पारंपरिक ही बनी हुई है। पहले की तरह वे अब भी पोल से कनेक्शन काट रहे हैं। प्रदेश में 4702 उपभोक्ताओं के कनेक्शन पोल से काटे जाने के बाद बिजली कंपनियों ने आदेश जारी किए हैं कि पोल से कनेक्शन न काटे जाएं। जानकारों के मुताबिक अगर पोल से कनेक्शन काटे जाते हैं तो मीटर नेटवर्क से बाहर हो जाएंगे और उन्हें वापस नेटवर्क में लाने के लिए अनावश्यक जतन करने होंगे। बिजली कंपनियों ने अपने अभियंताओं और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कनेक्शन पोल से काटना अनुचित और गैर जरूरी है। अभियंताओं को बताया गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। कनेक्शन ऑनलाइन ही काटे जाएंगे। पूर्वा...